ज्ञान की अहमियत और उलेमाओं ( विद्वानों ) के पास बैठने के लाभ ! इमाम अली ने क्या कहा ?

 ज्ञान को एक क्षेत्र में सीमित नहीं किया जा सकता है ज्ञान के अनेक क्षेत्र हैं व प्रत्येक क्षेत्र का अनंत विस्तार है ज्ञान से मनुष्य विवेकशील व शक्तिशाली बनता है , योग्य बनता है , सम्मानित बनता है , ज्ञान के अनेकों लाभ हैं ज्ञानी व्यक्ति अपने आप में समस्याओं का समाधान है वह जीवन के प्रत्येक क्षण को आनन्द के साथ जीता है , किसी संदर्भ में दर्शन का ज्ञान हो तो उसके मर्म तक पहुंचता है , ज्ञानी व्यक्ति ज्ञान साझा करके आजीविका का प्रबंध कर सकता है , समाज सुधार बिना ज्ञान के संभव नहीं , मानवता को राहत पहुंचाने में ज्ञान की अहम भूमिका है , आजकल हमारे चारों ओर आधुनिक यंत्रों की उपस्थिति ज्ञान में वृद्धि के कारण ही है , जब हम जानने की स्थिति में होते हैं तो नियंत्रण हमारे हाथ में होता है , ज्ञान हमको निर्णय लेने में आसानी प्रदान करता है , ज्ञान मानव को अल्लाह/ईश्वर तक पहुंचाता है , प्राणियों के शरीर की जटिल संरचनाएं व अनेक ग्रहों , उपग्रहों अत: ब्रह्मांड में उपस्थित कण कण की संरचना ईश्वर की याद दिलाती है इमाम अली अलैहिस्सलाम ने ज्ञान के अनेक लाभ बताएं हैं व इस पर ज़ोर दिया है कि हम ज्ञानी लोगों के पास बैठें और ज्ञान प्राप्त करें , इमाम अली फरमाते हैं 

उलेमाओं ( विद्वान ) के साथ बैठा करो, ताकि तुम्हारे ज्ञान(इल्म) और अदब में (इज़ाफा)वृद्धि होगा और तुम्हारी आत्मा पवित्र हो जायेगी | 



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